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My Editorials - Dr Sharad Singh

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Saturday, November 9, 2024

"जिस समाज में साहित्यकार और कलाकार होते हैं वह समाज निरंतर प्रगति करता है।" डॉ (सुश्री) शरद सिंह, मुख्य अतिथि, पुस्तक लोकार्पण

"जिस समाज में साहित्यकार और कलाकार होते हैं वह समाज निरंतर प्रगति करता है।" बतौर मुख्य अतिथि मैंने अपने उद्बोधन में कहा। अवसर था 08.11.2024 को श्री रमेश चौकसे (से.नि. सहा. वन संरक्षक) के काव्य संग्रह  "गति ही जीवन है" के लोकार्पण का और आयोजन किया था हैहय क्षत्रिय कल्चुरी समाज, सागर ने।
   इस अवसर पर मेरे साथ थीं अतिथि डॉ. सुजाता मिश्र एवं श्री माधव चंद्र चंदेल।  श्रीमती क्लीं राय ने भी अपनी पुस्तकें हमें भेंट की। हैहय क्षत्रिय कल्चुरी समाज की उपस्थिति का एक विशेष गरिमामय अनुभव रहा।


सभी तस्वीरों के लिए प्रिय भाई माधव चंद्र चंदेल का हार्दिक आभार 🙏
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