Showing posts with label इते ने गड्ढा से बचो जा सकत ने. Show all posts
Showing posts with label इते ने गड्ढा से बचो जा सकत ने. Show all posts

Saturday, August 30, 2025

टॉपिक एक्सपर्ट | इते ने गड्ढा से बचो जा सकत, ने खम्बा से | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | पत्रिका | बुंदेली कॉलम



टॉपिक एक्सपर्ट
इते ने गड्ढा से बचो जा सकत, ने खम्बा से
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
(पत्रिका | टॉपिक एक्सपर्ट | बुंदेली में)
 
गणपति पधार चुके हैं, सो फेस्टिवल को माहौल चल रओ आए। सो, ऐसे में तनक चुटकुला-मुटकुला याद करो जा सकत है। सो, हम बा चुटकुला सुना रए जोन को अनुभव आजकाल सबई जने कर रए। चलो, आप ओरें सोई सुनो जा चुटकुला। कि भओ का के एक रए बब्बा जू। उनें हार्ट अटैक आओ औ बे ढरक गए। उनके मोड़ा हरें जा सोच के खुस भए के अब उने जायदाद मिल जाहे। बे बब्बा की ठठरी ले के निकरे। संगे ‘राम नाम सत्त’ बोलत जा रए ते। इत्ते में पड़ो एक गड्ढा। मोड़ा हरें रपटे सो ठठरी गिर परी। बब्बा को लगो झटका औ बे उठ बैठे। मोड़ा हरें दुखी हो के उने घरे लौटा लाए। समै देखो के चार दिनां बाद बब्बा फेर के ढरक गए। मोड़ा हरें फेर के उनकी ठठरी ले के निकरे। रोड पे गड़ो तो बिजली को खम्बा जोन की शिफ्टिंग ने करी गई ती। ई दार बे ओरें खम्बा से भिड़ गए। फेर के बब्बा को झटका लगो औ बे फेर के जी उठे। मोड़ा हरें फेर उने घरे ले आए। 
कछू दिनां में बब्बा फेर ढरक गए। अबकी जो मोड़ा हरें उनकी ठठरी ले के निकरे तो ई दार बे ‘राम नाम सत्त’ की जांगा बोलत जा रए ते “गड्ढा, खम्बा बचा के!”  काए से के मोड़ा हरें ने चाउत्ते के बब्बा खों फेर के घरे ले जाने परे। अब बे ओरें कां लौं बचा पाए जे तो बेई जानें।  बाकी अपन ओरें तो ने गड्ढा से बच पा रये, ने खम्बा से बच पा रये। अब परसासन कछू कर सके तो करे, ने तो गड्ढा, खम्बा सो भाग में लिखोई आए।
------------------------------
Thank you Patrika 🙏
Thank you Dear Reshu Jain 🙏
#टॉपिकएक्सपर्ट #डॉसुश्रीशरदसिंह  #DrMissSharadSingh  #पत्रिका  #patrika #rajsthanpatrika #सागर  #topicexpert #बुंदेली  #बुंदेलीकॉलम