Showing posts with label मुख्य अतिथि. Show all posts
Showing posts with label मुख्य अतिथि. Show all posts

Tuesday, July 28, 2026

पर्यावरण और जीव संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति में एक जुनून जागने की जरूरत है - डॉ (सुश्री) शरद सिंह, मुख्य अतिथि, पर्यावरण जीवन संरक्षण परिषद, सागर द्वारा आयोजित परिचर्चा समारोह

"पर्यावरण और जीव संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति में एक जुनून जागने की जरूरत है। जब हर व्यक्ति इस बात को समझेगा कि पर्यावरण और जीवन को नुकसान पहुंचा कर हम स्वयं के लिए कितना खतरा उत्पन्न कर रहे हैं तो वह जागरूक होगा और पॉलिथीन के उपयोग जैसे हर कार्य करना बंद कर देगा जिससे पर्यावरण और जीवन को चोट पहुंचे। इस प्रकार की परिचर्चा एवं संगोष्ठियों के द्वारा पर्यावरण और जीवन के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सकता है यह एक सार्थक कदम है।" - कल बतौर मुख्य अतिथि मैंने पर्यावरण जीवन संरक्षण परिषद, सागर द्वारा आयोजित परिचर्चा समारोह में अपने विचार रखे। मैंने कहा कि "पर्यावरण और जीव संरक्षण एक ऐसा  ज्वलंत  विषय है जिस पर गंभीरता से बार-बार विचार करने की आवश्यकता है।"
     परिचर्चा समारोह की अध्यक्षता की सेवानिवृत्त फॉरेस्ट कंजरवेटर (IFS) बी पी उपाध्याय जी ने। विशिष्ट अतिथि थीं श्रुतिमुद्रा सांस्कृतिक समिति सागर की अध्यक्ष डॉ. कविता शुक्ला जी।
      पर्यावरण जीवन संरक्षण परिषद, सागर संस्था के अध्यक्ष एवं से. नि. सहायक वन संरक्षक आदरणीय आर सी चौकसे जी तथा संस्था के संरक्षक से.नि. सहायक वन संरक्षक आदरणीय पी एन मिश्रा ने जी श्यामलम संस्था के श्री उमाकांत मिश्र जी के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस सफल आयोजन में सहभागी संस्थाएं थीं- भारत विकास परिषद सागर, राष्ट्रीय कल्चुरी परिषद सीहोर व सागर, सहज योग संस्था सागर तथा क्लीन सागर - ग्रीन सागर संस्था, सागर।
      सरस्वती वंदना की श्री मुकेश तिवारी जी ने तथा सफल संचालन किया श्री यू .एस.बी.गौर जी ने।
     इस आयोजन में शामिल होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई क्योंकि  पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के प्रति मैं अत्यंत संवेदनशील हूं तथा मैं हमेशा चाहती हूं कि उस पर चर्चा, विचार -विमर्श और चिंतन किया जाए ताकि हम सभी एक आम नागरिक की हैसियत से जलवायु परिवर्तन की गति को कम करने में अपनी भूमिका समझ सकें।   
   समारोह में श्री संतोष श्रीवास्तव 'विद्यार्थी', श्रीमती सुनीला सराफ, श्रीमती वर्षा जी, श्री हरि शुक्ला, श्रीसंतोष पाठक आदि बड़ीसंख्या में साहित्यकार एवं समाजसेवी उपस्थित थे।

#डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissSharadSingh #मुख्यअतिथि #पर्यावरण #आचरण #जलवायुपरिवर्तन #ChiefGuest #environment #climatechange
सादर आभार... पर्यावरण जीवन संरक्षण परिषद, सागर 🙏 श्यामलम संस्था सागर 🙏 एवं हार्दिक धन्यवाद सागर मडिया🙏 🚩🙏🚩

Thursday, June 26, 2025

नवीन पुस्तक का लोकार्पण नवीन संस्कारों का लोकार्पण होता है - डॉ (सुश्री) शरद सिंह, मुख्य अतिथि, पुस्तक लोकार्पण समारोह, छतरपुर

"साहित्य सृजन को भी शिशु जन्म के समान सृजन की प्रक्रिया माना जाता है किंतु जब किसी शिशु के जन्म के बाद उसका जन्मोत्सव मनाया जाता है तो वह एक व्यक्ति अथवा एक प्राणी का जन्मोत्सव होता है, वहीं जब एक पुस्तक के जन्म का उत्सव मनाया जाता है यानी पुस्तक का लोकार्पण अथवा विमोचन किया जाता है तो वह नवीन विचारों एवं संस्कारों का लोकार्पण होता है। आभा श्रीवास्तव जी सामाजिक सरोकार की कहानी लिखती हैं। आज यहां लोकार्पित उनका कहानी संग्रह सामाजिक परिवेश की पड़ताल करती  कहानियों का रोचक संग्रह है। मैं पहले भी आभा श्रीवास्तव जी की कहानियां पढ़ चुकी हूं और उनके लेखन ने मेरे मन को हमेशा छुआ है।" - बतौर मुख्य अतिथि मैंने (डॉ (सुश्री) शरद सिंह) अपने विचार व्यक्त किए।
     🚩 मित्रो, कल 25.06 2025 को छतरपुर (म प्र) के ला कैपिटल होटल के सभागार में छतरपुर की कथाकार आभा श्रीवास्तव जी के कहानी संग्रह “अभीष्ट “ का लोकार्पण समारोह पद्मश्री डॉ अवध किशोर जड़िया जी की अध्यक्षता तथा   डॉ (सुश्री) शरद सिंह यानी मेरे मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न  हुआ। 
🚩इस गरिमा पूर्ण आयोजन में अति विशिष्ट अतिथि डॉ. बहादुर सिंह परमार, विशिष्ट अतिथि के प्रो आनंद प्रकाश त्रिपाठी, श्रीमती मालती श्रीवास्तव, श्रीमती विमल बुंदेला जी रहीं। 
🚩कार्यक्रम का संचालन किया श्रीमती संध्या श्रीवास्तव तथा सुश्री आरती अक्षरा ने।
🚩इस अवसर पर प्रिय भाभी श्रीमती ह़ंसा बहादुर सिंह, लेखिका शोभा शर्मा, समाजसेवी श्रीमती सुषमा दोसाज, पुष्पा जी, साहित्यकार नीरज खरे, रंगकर्मी नवीन जी, कवि जगदीश जी आदि शहर के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे । 
🌹♥️🌹 पुनः हार्दिक बधाई आभा जी एवं हार्दिक आभार भी 🌹♥️🌹
#डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissSharadSingh #पुस्तकलोकार्पण #पुस्तकविमोचन #booklaunch

Thursday, June 5, 2025

प्लास्टिक का प्रयोग हमें कम से काम करना चाहिए ताकि प्लास्टिक कचरे का भाऋ हो सके- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

5 जून 2025, विश्व पर्यावरण दिवस पर सुबह, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय ढाना, ज़िला सागर में बतौर मुख्य अतिथि मैंने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया तथा छात्रों को प्लास्टिक के उपयोग से हानि के बारे में जानकारी दें तथा उन्हें प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित किया। चूंकि विद्यालय में भाषा सप्ताह भी मनाया जा रहा है अतः मैंने विद्यार्थियों को भाषा का महत्व बताते हुए उनसे निवेदन किया कि वे अपशब्दों का प्रयोग न किया करें, क्योंकि अपशब्दों का प्रयोग करना अपने ज्ञान और भाषा का अपमान करने के समान है।
    इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार ने अध्यक्षता की तथा विशिष्ट अतिथि थे केंद्रीय विद्यालय भोपाल से पधारे डॉ हर्षित जी। कार्यक्रम का संचालन किया डॉ अरुण मिश्रा जी ने। 
     कार्यक्रम के दौरान मैंने विद्यालय के पुस्तकालय हेतु अपनी पुस्तक " Climate change : We can slow the speed" तथा बुंदेली गजलों की पुस्तक "सांची कै रए सुनो, रामधई" प्राचार्य डॉ विनोद कुमार जी को सादर भेंट की।



🌳प्राचार्य डॉ विनोद कुमार जी एवं डॉ अरुण मिश्रा जी का हार्दिक आभार 🙏🌷
#डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissSharadSingh #WorldEnvironmentDay2025 #WorldEnvironmentDay #pmshreeschool #Dhana