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Monday, April 20, 2026

मां डॉ विद्यावती मालविका की पांचवीं पुण्यतिथि पर सीताराम रसोई में भोजन कराया - डॉ (सुश्री) शरद सिंह

🚩 कुछ देर पहले लौटी हूं सीताराम रसोई से मां की स्मृति में वृद्धजन को अपने हाथों से भोजन परोस कर... भोजन से पहले उनके साथ भजन भी गाए... उनके साथ कुछ देर को सुकून मिलता है... वरना उस दिन की याद आत्मा को कुरेदती है कि उस कोरोना काल में मां को चार कंधों पर नहीं बल्कि शव वाहन में विदा करना पड़ा था अंतिम यात्रा के लिए, जबकि उन्हें कोरोना नहीं था... टीस उठती है आज भी... वह तो भाई डॉ विनोद तिवारी जैसे समाजसेवी अनुज ने हर क़दम पर साथ दिया... सहयोग किया और मां की अंतिम यात्रा को सम्मान सहित पूर्ण कराया, अन्यथा मैं नहीं जानती कि उस समय क्या, कैसे हो पाता ....
      🚩हर वर्ष जब मैं सीताराम रसोई में वृद्धजन को भोजन परोस रही होती हूं ठीक उस समय मेरे भाई विनोद रेलवे स्टेशन में यात्रियों को निःशुल्क शीतल जल पिला रहे होते हैं.... मुझे पता है वह चाह कर भी मानव सेवा के उस काम को छोड़कर नहीं आ सकेंगे लेकिन मैं  सीताराम रसोई पहुंचने की सूचना एक दिन पूर्व उन्हीं के द्वारा प्रेषित करती हूं... 
     🚩मैं जानती हूं कि मेरी दानराशि अथाह सागर में एक बूंद के समान है किंतु वहां पहुंचकर जिंदगी का एक और रूप देखने को मिलता है... वहां भोजन करने वाले वे वृद्धजन हैं जिन्हें वहां से बाहर दो रोटी भी नसीब नहीं हो पाती है... 
 🚩सीताराम रसोई का प्रत्येक कर्मचारी बहुत मिलनसार और उदार है... वहां का भोजन भी सुस्वाद और उच्चकोटि का है... मैं हर वर्ष जब जाती हूं तो प्रसादी के तौर पर थोड़ा सा भोजन चखती जरूर हूं... इससे यह संतुष्टि भी हो जाती है कि वहां वृद्धों को अच्छा भोजन परोसा जा रहा है...
     🚩मैं आभारी हूं साहिल सिक्योरिटी सर्विसेज के डायरेक्टर पंकज शर्मा जी की जो विगत 4 वर्ष से लगातार मुझे सीताराम रसोई अपनी गाड़ी में मित्रवत ले जाते हैं क्योंकि मेरे घर से संस्था बहुत दूर है  ... शहर के बिल्कुल दूसरे छोर पर... और आज के दिन मेरी मनःस्थिति भी कुछ ठीक नहीं रहती है...
     🚩साधुवाद के पात्र हैं वे सभी लोग जो सीताराम रसोई को निरंतर चला रहे हैं...
     🚩यह पांचवा वर्ष है जब मैं मां की स्मृति में सीताराम रसोई में वृद्धजन को भोजन परोस कर आई हूं... 


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Thursday, December 27, 2018

साहित्यकार रमेश दुबे की पांचवीं पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि - डॉ शरद सिंह

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary
सागर के दिवंगत साहित्यकार रमेश दुबे की पांचवीं पुण्यतिथि दिनांक 23.12.2018 पर श्यामलम् संस्था द्वारा जे.जे. इंस्टीट्यूट, सिविल लाइन्स, सागर में आयोजित कार्यक्रम में सागर नगर के हम सभी साहित्यकारों ने स्व. दुबे जी का पुण्य स्मरण किया। "जब कोई साहित्यकार दुनिया से विदा लेता है तो वह अपने पीछे एक लेखकीय परम्परा छोड़ जाता है..." - डॉ शरद सिंह
Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Varsha Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary

Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary
 
Tribute  by Dr Sharad Singh to Late Ramesh Dutt Dubey on his Fifth Death Anniversary