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Tuesday, July 14, 2026

टॉपिक एक्सपर्ट | जो रोडें बरसात के पैले ठीक कर दईं जाएं तो रिपटबे को मजा कैसे मिलहे | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | पत्रिका | बुंदेली कॉलम

टाॅपिक एक्सपर्ट
जो रोडें बरसात के पैले ठीक कर दईं जाएं तो रिपटबे को मजा कैसे मिलहे
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
      भौत पैले एक फिल्मी गाना बजत्तो के “हम जो रिपट जाएं तो हमें ना उठियो”। भौत दिनां बाद अभईं रेडुवा पे ऊ गाना फेर के सुनाई परो। बा गाना सुनाबे वारे ने बताओ के जो गाना “नमक हलाल” फिलम को रओ। बा अमिताभ बच्चन औ स्मिता पाटिल की फिलम रई। बाकी गाना लिखो रओ अनजान साब ने। ई मोसम में जो गाना सुन के हमाए दिमाग की बत्ती जल गई। हमें लगो के गाना लिखबे वारे को नांव भलेई “अनजान” रओ मनों बे कभऊं ने कभऊं अपने सागर जरूर आए हुइएं औ उने इते की जानकारी हती। ऊंसई बिट्ठल भाई पटेल जू के संगे बालीबुड के लोग सागर आत-जात रैत्ते। एकाध दफा अनजान साब सोई आ गए हुइएं। हो सकत के कछू लोगन को ई बारे में पतो होए, मनों हमें तो जो गाना सुन के लगो के आए हुइएं। काए से के रिपटबे वारी रोडें तो इतई सागर में गारंटी से पाई जात आएं। जो सागर सिटी स्मार्ट सिटी बन गई सो ऊसे का? कोऊ अपनी परंपरा औ संस्कार थोड़ेई भुला सकत आए? अब ब्याओ मेंई देख लेओ के प्री-वेडिंग शूट से ले के स्टेज पे दूला-दुलैया को नचबो लौं हो जात आए, मनों ऊ के बाद बी दुलैया की ‘मों दिखाई’ की रसम तो होतई आए। आप सोच रए हुइयो के हम कां से कां पौंच गए, सो बात जे आए के हम जे बताबे की कोसिस कर रए के रिपटा वारी रोडें रखा के प्रसासन परंपरा खों निभा रओ। सो रिपटबे पे बुरौ ने मानियो। तनक सोचो के  जो सहर की सबरी रोडें बरसात के पैले ठीक कर दईं जाएं तो रिपटबे को मजा कैसे मिलहे? सो, अब जोन दिनां आप रिपटो सो प्रसासन खों ने गरियाइयो, बल्कि खुद खों अमिताभ बच्चन औ स्मिता पाटिल समझियो। संगे हड्डी वारे डाक्टरन खों बी याद कर लइयो, काए से के रिपटबे के बाद बेई भली करहें।
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Thank you Dear Reshu Jain 🙏

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