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Wednesday, August 5, 2026

धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के असीमित अवसर हैं। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह

"पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार  के असीमित अवसर हैं जैसे टूर गाइड, ट्रैवल एजेंट और होटल मैनेजमेंट हैं। विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तो नारियल या पूजा के सामग्री बेचने वाली एक दुकान से लेकर होटल या रिसोर्ट तक के रूप में रोजगार पाया जा सकता है। आजकल तो महिलाएं भी टूर गाइड का काम करती हैं। बस, प्राथमिक जरूरत यही है कि हम अपने पर्यटन क्षेत्र को स्वच्छ, सुविधायुक्त और सुरक्षित बनाएं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक आएं, अधिक दिन तक रुकें और जब लौट कर जाएं तो उसके बारे में अन्य लोगों से सकारात्मक चर्चा करें। परिवहन के पर्याप्त साधन भी पर्यटकों को उपलब्ध कराना आवश्यक है। तभी पर्यटन क्षेत्र का विस्तार होगा और जब पर्यटन क्षेत्र का विस्तार होगा तो रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ते जाएंगे।" - बतौर मुख्य वक्ता मैंने (डॉ सुश्री शरद सिंह ने) उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा। अवसर था पंडित दीनदयाल उपाध्याय आर्ट एंड कॉमर्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज सागर द्वारा पीएम उषा परियोजना के सहयोग से आयोजित "बुंदेलखंड - पर्यटन के क्षेत्र में रोज़गार के अवसर" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम सत्र का।
    इस प्रथम सत्र का विषय था "बुंदेलखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर"। 
🚩महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के ऊर्जावान एवं उत्साही प्रयासों से इस प्रकार के आयोजन लगातार महाविद्यालय में आयोजित हो पा रहे हैं जिसके लिए वे तथा उनकी टीम बधाई की पात्र हैं।💐
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Sunday, February 26, 2023

बुंदेली लोकजीवन में श्रीराम का नाम एक विश्वास है किस का अनुभव बुंदेली लोकगीतों में किया जा सकता है। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह

डॉ हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा "राम काव्य परम्परा और बुंदेलखंड" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का दूसरा दिन... समापन सत्र में  मुख्य वक्ता के रूप में मेरा  व्याख्यान... इस सत्र के मुख्य अतिथि थे जबलपुर से पधारे हिंदी और भारतीय संस्कृति के विद्वान डॉ त्रिभुवन नाथ शुक्ल जी। हिंदी एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश त्रिपाठी, भाषा विज्ञान अधिष्ठाता डॉ. चंदाबेन की महत्वपूर्ण उपस्थिति में संचालन किया हिस्सा विभाग के प्राध्यापक डॉ राजेंद्र यादव ने।
      आभार प्रकट किया हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ आशुतोष मिश्र ने। तदुपरांत राष्ट्रगान के साथ दो दिवसीय सेमिनार का समापन हुआ।
      इस अवसर पर शाल, श्रीफल, पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं पुस्तकों से हम अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इस सेमिनार की अभी विशेषता रही कि इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय एवं देश भर से आए शोध छात्रों एवं प्राध्यापकों द्वारा अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। साहित्य के सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति इस प्रकार शोध की रुचि देखकर अत्यंत सुखद अनुभूति हुई।
       
🌷आभारी हूं डॉ हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर (मप्र) के हिंदी विभाग की 🙏

📷छायाचित्र सौजन्य एवं साभार भाई  Madhav Chandra Chandel  जी
एवं श्री Mukesh Tiwari जी 🌷🙏🌷

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Friday, February 24, 2023

राष्ट्रीय सेमिनार | राम काव्य परम्परा और बुंदेलखंड | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

 डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा "राम काव्य परम्परा और बुंदेलखंड" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर लोक संस्कृति के विद्वान डॉ. श्याम सुंदर दुबे, हिंदी एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश त्रिपाठी, भाषा विज्ञान अधिष्ठाता डॉ. चंदाबेन तथा कुलपति डॉ नीलिमा गुप्ता के सारगर्भित उद्बोधन सुने। इस अवसर पर राम काव्य के अपेक्षाकृत कम चर्चित संदर्भ सामने आए। सब कुछ बहुत रोचक रहा।
24.02.2023
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Tuesday, January 8, 2019

राष्ट्रीय सेमिनार में डॉ शरद सिंह द्वारा ‘‘स्त्री जीवन के स्वर्णिमकाल से परिचित कराती खजुराहो की मूर्तिकला’’ विषय पर अपना व्याख्यान

Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018
प्रख्यात इतिहासविद एवं भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, दिल्ली के सदस्य डॉ. रहमान अली से मेरी मुलाकात हुई। अवसर था प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग डॉ हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया विषय था भारतीय संस्कृति को मध्य प्रदेश का योगदान"। यह विभाग का हीरक जयंती वर्ष है। इसी विभाग से मैंने एम.ए.(गोल्ड मेडल) एवं पीएचडी किया था। आयोजन में मैं और मेरी दीदी डॉ वर्षा सिंह आमंत्रित अतिथि के रुप में सम्मिलित हुए सुखद अनुभूति रही। इस अवसर पर मैंने ‘‘स्त्री जीवन के स्वर्णिमकाल से परिचित कराती खजुराहो की मूर्तिकला’’ विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।   (18.12.2018)

विभागाध्यक्ष प्रो. नागेश दुबे एवं विभाग के सभी सदस्यों का हार्दिक आभार!
Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali and Dr Nagesh Dubey in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018
Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh With Dr Rahman Ali in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh  in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh  in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh  in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Varsha Singh with Dr K K Tripathi in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh and Dr Varsha Singh in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Dr Sharad Singh and Dr Varsha Singh in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018

Vice Chancellor Pro. R P Tiwari in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018


Dr Sharad Singh  in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018
 
Dr Sharad Singh  in  National Seminar at Ancient Indian History Department, Dr Hari Singh Gour Central University Sagar 2018