"पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के असीमित अवसर हैं जैसे टूर गाइड, ट्रैवल एजेंट और होटल मैनेजमेंट हैं। विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तो नारियल या पूजा के सामग्री बेचने वाली एक दुकान से लेकर होटल या रिसोर्ट तक के रूप में रोजगार पाया जा सकता है। आजकल तो महिलाएं भी टूर गाइड का काम करती हैं। बस, प्राथमिक जरूरत यही है कि हम अपने पर्यटन क्षेत्र को स्वच्छ, सुविधायुक्त और सुरक्षित बनाएं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक आएं, अधिक दिन तक रुकें और जब लौट कर जाएं तो उसके बारे में अन्य लोगों से सकारात्मक चर्चा करें। परिवहन के पर्याप्त साधन भी पर्यटकों को उपलब्ध कराना आवश्यक है। तभी पर्यटन क्षेत्र का विस्तार होगा और जब पर्यटन क्षेत्र का विस्तार होगा तो रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ते जाएंगे।" - बतौर मुख्य वक्ता मैंने (डॉ सुश्री शरद सिंह ने) उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा। अवसर था पंडित दीनदयाल उपाध्याय आर्ट एंड कॉमर्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज सागर द्वारा पीएम उषा परियोजना के सहयोग से आयोजित "बुंदेलखंड - पर्यटन के क्षेत्र में रोज़गार के अवसर" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम सत्र का।
इस प्रथम सत्र का विषय था "बुंदेलखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर"।
🚩महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के ऊर्जावान एवं उत्साही प्रयासों से इस प्रकार के आयोजन लगातार महाविद्यालय में आयोजित हो पा रहे हैं जिसके लिए वे तथा उनकी टीम बधाई की पात्र हैं।💐
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