Wednesday, September 6, 2017

ब्लू व्हेल गेम करता है माइण्ड ट्रेप : दृढ़ रहिए-सुरक्षित रहिए ... डॉ शरद सिंह ... चर्चा प्लस

Dr (Miss) Sharad Singh

मेरा कॉलम चर्चा प्लस (06.09.2017 दैनिक सागर दिनक में )
 

ब्लू व्हेल गेम करता है माइण्ड ट्रेप : दृढ़ रहिए-सुरक्षित रहिए 
- डॉ. शरद सिंह 

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में में 14 वर्षीय एक लड़के ने ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल चैलेंज के अंतिम चरण को पूरा करने के लिए सातवीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का एक छात्र ’ब्लू व्हेल गेम’ का शिकार होते-होते बचा। सातवीं कक्षा का यह छात्र गेम की आखिरी स्टेज को पूरा करने के लिए स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा रहा था, तभी उसे टीचर ने सुरक्षित बचा लिया। ’ब्लू व्हेल गेम’ के 50वें चरण को पूरा करने के लिए तीसरी मंजिल से नीचे कूद रहा था। ऐसा करने पर उसे दो करोड़ रुपए मिलने का दावा किया गया था। दमोह और हरदा जैसे छोटे शहर भी इसकी चपेट से नहीं बचे। वीडियो गेम अपने-आप में एक ऐसा जुनून पैदा करता है जिससे छुटकारा पाना कठिन होता है। ’ब्लू व्हेल गेम’ इस जुनून की एक आत्मघाती कड़ी है। बेशक यह माइण्ड ट्रेप गेम है लेकिन इससे बड़ी आसानी से बचा जा सकता है। इससे बचने का रास्ता है- दृढ़ मानसिक स्थिति और दृढ़ इच्छाशक्ति। 
Charcha Plus Column of Dr Sharad Singh in "Sagar Dinkar" Daily News Paper

देश के विभिन्न हिस्सों में खतरनाक रूप लेते वीडियो गेम ’ब्लू व्हेल चैलेंज’ के खतरे मध्य प्रदेश में भी नज़र आने लगे हैं। इसकी गंभीरता को भांपते हुए अगस्त के पहले पखवाड़े में ही राज्य के तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्यमंत्री दीपक जोशी ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर इस गेम को प्रतिबंधित करने की मांग की थी। मंत्री जोशी ने जावड़ेकर को सोमवार को लिखे पत्र में कहा था कि इस गेम के जाल में फंसकर बच्चे आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठा रहे हैं। यह स्थिति चिंताजनक है। यद्यपि, खत मिलने के पहले ही सरकार ने ब्लू व्हेल चैलेंज को प्रतिबंधित कर दिया। राज्यमंत्री दीपक जोशी ने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा एवं प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा को भी इस गेम से होने वाले नुकसान के प्रति शैक्षणिक संस्थाओं के बच्चों को जागरूक करने के संबंध में जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
भारत सरकार ने गूगल इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और प्रमुख सोशल मीडिया साइटों से इस गेम के लिंक हटाने के लिए कहा। सारकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप से कहा था कि ब्लू व्हेल चैलेंज से जुड़े लिंक फौरन हटाए जाएं। मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक अरविंद कुमार ने 11 अगस्त 2017 को निर्देश जारी किया था। इस गेम पर प्रतिबंध की आशंका को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पहले ही कई प्रॉक्सी यूआरएल या आईपीएड्रेस बना लिए गये थे। इसके मद्देनजर ही सरकार ने अपने निर्देश में सर्च इंजन और सोशल मीडिया वेबसाइट से ब्लूव्हेल चेलैंज गेम से मिलते जुलते नाम वाले या यूआरएल वाले गेम के लिंक भी हटाने को कहा था।
विगत दिनों ब्लू व्हेल गेम एक नई मुसीबत बनकर सामने आया है। तमाम प्रयासों के बाद भी यह ना सिर्फ सरकार के लिए बल्कि शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक चुनौती बना हुआ है। इसके लिए आईटी मंत्रालय से लेकर सीबीएसई बोर्ड ने सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि इसे रोकने के हरसंभव प्रयास किए जाए। इस गेम को खेलते हुए अभी तक दुनिया भर में 200 से ज्यादा लोग अपनी जान दे चुके हैं। भारत कई युवा और स्कूली बच्चे इसके प्रभाव में आ कर आत्मघात कर चुके हैं।


गेम को बनानेवाला और एडमिन :
सन् 2016 में इस गेम के डेवलपर फिलिप वुडकिन को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। उस वक्त 15 बच्चों ने आत्महत्या की थी। वुडकिन साइकोलॉजी का स्टूडेंट रहा है। वुडकिन ने पुलिस को बताया था कि उसका मकसद समाज की सफाई करना है। वुडकिन के मुताबिक जो अपने जीवन का मूल्य नहीं समझते वो समाज के लिए कचरा हैं और उनकी सफाई करना जरूरी है।
अच्छी ख़बर यह है कि इसी माह ब्लू व्हेल गेम की एडमिन लड़की गिरफ्तार कर ली गई है। वह रूस की रहनेवाली 17 वर्षीय लड़की है। यह गेम रूस में भी कई बच्चों की जान ले चुका है। संबंधित समाचारों के अनुसार लड़की पर आरोप है कि जानलेवा ब्लू व्हेल चैलेंज गेम के पीछे उसी का हाथ है। लड़की शिकार को धमकी दिया करती थी कि अगर उसने ब्लू व्हेल टास्क पूरा नहीं किया तो वह उसे और उसके परिवार का खून कर देगी। ब्लू व्हेल चैलेंज उन्हीं लोगों को अपना शिकार बनाता है, जो तनाव जूझ रहे हैं और आत्महत्या करने के बारे में सोचते हैं। रूसी पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का फुटेज जारी किया गया है। आरोपी लड़की मनोविज्ञान की छात्रा है और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अदालत में हुई पेशी के बाद उसे तीन साल के लिए जेल भेज दिया गया है। 


क्या है ब्लू व्हेल गेम?
यह एक सेल्फ डिस्ट्रक्टिव चैलेंज गेम है। जो इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के अनेक देशों में खेला जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खेल कथित तौर पर एक श्रृंखला मे होते हैं जिसमें खिलाड़ियों को कहने के लिये 50-दिन की अवधि में कई कार्य आवंटित किया जाता है, जिसकी अंतिम चुनौती में खिलाड़ी को आत्महत्या करने को बोला जाता है। शब्द “ब्लू व्हेल“ बीच्ड व्हेल्स की घटना से आता है, जोकि आत्महत्या से जुड़ा हुआ था।
ब्लू व्हेल से बच्चों के मरने का सिलसिला जारी है। इन मौतों का कारण है वो चैलेंज, जो ये गेम खेलने वाले बच्चों को दिए जाते हैं। इन चैलेन्जेस के बारे में जानना जरूरी है जिससे बच्चों की संदिग्ध गतिविधियों को आसानी से पहचाना जा सके। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गेम के चैलेन्जेस की जानकारी एन.सी.पी.सी.आर. अर्थात् नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेकशन ऑफ चाइल्ड राईट्स ने अपनी वेबसाइट पर दी है-
1. हाथ पर रेजर की मदद से अंग्रेजी का अक्षर और नंबर ’एफ 57’ कुरेदना और उसकी फोटो क्यूरेटर को भेजना।
2. सुबह 4ः 30 बजे उठना और वो डरावने, विकृत वीडियोज देखना जिन्हें क्यूरेटर ने आपको भेजा है।
3. बाजू को अपनी नसों के पास से होते हुए रेजर से काटना। ये कट ज्यादा गहरे नहीं होने चाहिए। केवल 3 कट हों और उनकी फोटो क्यूरेटर को भेजना।
4. एक पेपर शीट पर व्हेल बनाना और उसकी फोटो क्यूरेटर को भेजना।
5. अगर आप ’व्हेल बनने को तैयार’ हैं तो पैरों पर रेजर से ’यस’ का निशान बनाना। अगर आप तैयार नहीं हैं, तो आपको खुद को सजा देनी है और कई कट खुद को मारने होंगे।
6. हाथ पर ‘एफ 40’ का निशान बनान और उसे क्यूरेटर को भेजना।
7. सुबह 4:20 बजे उठना है और जो छत सबसे ऊंची हो वहां पहुंचना है।
8. रेजर से हाथ में व्हेल की आकृति बनाना और उसकी फोटो क्यूरेटर को भेजना।
9. पूरा दिन डरावने वीडियोज देखना।
10. जो संगीत क्यूरेटर आपको भेजे उन्हें ध्यानपूर्वक सुनना।
11. अपने होंठो को काटना।
12. अपने साथ कुछ भी ऐसा करना जिससे आपको दर्द का अनुभव हो।
13. सबसे ऊंची छत पर पहुंचो और वहां किनारे पर कुछ देर खड़े रहो।
14. किसी पुल पर जाओ और वहां किनारे पर खड़े रहो।
15. छत पर जाकर किनारे पर बैठो और अपने पैरों को हिलाओ।
16. सुबह 4:20 पर उठो और रेलवे लाइन पर जाओ।
17. पूरे दिन किसी से भी बात मत करो।
18. हर रोज अपने शरीर पर एक कट मारो।
19. ऊंची बिल्डिंग से कूद जाओ और अपनी जिंदगी को खत्म करो।
20. किसी क्रेन पर चढ़िए या इसकी कोशिश करिए।
खेलने वाले के दिमाग़ में यह बिठा दिया जाता है कि यदि एक बार गेम खेलना शुरू कर दिया, तो वो इसे बीच में नहीं छोड़ सकता। यदि गेम को बीच में छोड़ दिया तो एडमिन आपका फोन हैक कर लेगा और फोन की सारी डिटेल हैक एडमिन के पास चली जाएगी। अगर कोई बीच में गेम छोड़ना चाहे, तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती रहती है कि उसे या फिर उसके माता-पिता को जान से मार दिया जाएगा।


गेम से बचने के तरीके :
यह साफ़तौर पर माइण्ड ट्रेप गेम है। इस गेम के ट्रेप से बड़ी आसानी से बचा और बचाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले जरूरी है दृढ़ मानसिक स्थिति और दृढ़ इच्छाशक्ति। दरअसल, इस गेम में आत्मघात वही कर रहे हैं जो कमजोर इच्छाशक्ति के हैं, भावुक हैं अथवा जुनूनी हैं। दृढ़इच्छाशक्ति बनाए रखने पर इस गेम के प्रभाव से आसानी से दूर रहा जा सकता है अथवा इससे बाहर निकला जा सकता है। दमोह और हरदा जैसे छोटे शहर भी इसकी चपेट से नहीं बचे। वीडियो गेम अपने-आप में एक ऐसा जुनून पैदा करता है जिससे छुटकारा पाना कठिन होता है। ’ब्लू व्हेल गेम’ इस जुनून की एक आत्मघाती कड़ी है। बेशक यह माइण्ड ट्रेप गेम है लेकिन इससे बचा जा सकता है बड़ी आसानी से। इससे बचने का रास्ता है इसके लिए सबसे पहले जरूरी है दृढ़ मानसिक स्थिति और दृढ़ इच्छाशक्ति।
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक इस गेम के एडिक्ट ज्यादातर लोग डिप्रेशन के शिकार होते हैं। ऐसे में यदि आपके घर का कोई मेंबर डिप्रेशन का शिकार है तो उसे सोशल मीडिया से दूर रखा जाए। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में बच्चों में वर्चुअल वर्ल्ड का एडिक्शन होता है। ऐसे में घरवाले बच्चों पर नजर रखें और उनकी इंटरनेट हैबिट पर खास ध्यान दें। इसके अलावा बच्चों को घर में इस तरह का माहौल दें कि वह मां-बाप से कोई बात छिपाए नहीं। वे बच्चों को इस बात का विश्वास दिलाएं कि यदि वे गेम में शामिल हो भी गए हैं तो किसी भी समय उसे छोड़ सकते हैं। गेम का एडमिन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। एडमिन की धमकियों के विरुद्ध वे सामान्य पुलिस अथवा साईबर सेल की मदद ले सकते हैं। उन्हें डांटने के बजाए उनका आत्मविश्वास जगाएं।
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