इस आयोजन में मुख्य अतिथि डा. सुरेश आचार्य, अध्यक्षता डा. चंचला दवे, विशिष्ट अतिथि श्री मुकेश शुक्ला आयुक्त सागर संभाग एवं श्री आर पी अहिरवार नगर निगम आयुक्त सागर थे। पुस्तक पर विस्तृत विश्लेषणात्मक चर्चा की डॉ (सुश्री) शरद सिंह यानी मैंने तथा विश्वविद्यालय में संस्कृत प्राध्यापक डा. शशिकुमार सिंह ने तथा संस्थाध्यक्ष श्री उमाकान्त मिश्र द्वारा कार्यक्रम का विवरण देते हुए स्वागत भाषण दिया। संचालन किया डॉ अंजना चतुर्वेदी तिवारी ने एवं आभार ज्ञापित किया श्री रमाकांत शास्त्री ने।
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Wednesday, February 16, 2022
महाकाल के अद्भुत प्रसंग | पुस्तकचर्चा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
"महाकाल के अद्भुत प्रसंग - यह संस्मरण पुस्तक है, विशुद्ध साहित्यक जिसमें उन्होंने अपने लौकिक, अलौकिक अनुभवों को पिरोया है। आनंद कुमार शर्मा एक समर्थ लेखक हैं उनकी यह पुस्तक एक टाईममशीन की तरह है जिसे पढ़ते हुए पाठक विशेष कालखंड में जा पहुंचता है और तत्कालीन विशेष घटनाओं से जुड़ता चला जाता है। वस्तुतः अपने कथ्य की विलक्षणता और भाषाई सादगी के कारण यह पुस्तक सभी पाठकवर्ग के लिए पठनीय है।" पुस्तक पर चर्चा करते हुए मैंने अपने यह विचार व्यक्त किए। पुस्तक थी पूर्व आयुक्त सागर एवं मुख्यमंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी आनंद कुमार शर्मा द्वारा लिखित "महाकाल के अद्भुत प्रसंग"। अवसर था सागर की प्रतिष्ठित संस्था "श्यामलम्" के तत्वावधान में वरदान होटल सिविल लाइंस के सभागार में पुस्तक "महाकाल के अद्भुत प्रसंग" पर चर्चा का।
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