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Monday, June 6, 2022

विश्व पर्यावरण दिवस की सुबह जंगल में पेंटिंग वर्कशॉप के साथ - डॉ (सुश्री) शरद सिंह


विश्व पर्यावरण दिवस की सुबह यदि जंगल में आप हों और  चित्रकारों को कैनवास पर लाईव स्पॉट लैंडस्केपिंग करते हुए देखें तो इससे सुखद और सुकून देनेवाला कुछ हो ही नहीं सकता है... जी हां, मेरी 05 जून'22 की सुबह ऐसी मज़ेदार रही...💁🌳🙋🌴🚵❤️
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अपनी रिपोर्ट का टेक्स्ट यहां साझा कर रही हूं और कुछ तस्वीरें भी...इस आग्रह के साथ कि आप सब को भी हफ़्ता-पंद्रह दिन में एक बार आऊटिंग ज़रूर करना चाहिए इससे तन-मन की इनर्जी की बैटरी रीचार्ज होती रहेगी 🌷😀🌷
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विश्व पर्यावरण दिवस पर स्पॉट पेंटिंग कर  प्रकृति के प्रति अपनी जागरूकता को कैनवास पर चित्रित किया रंग के साथियों ने

-डॉ (सुश्री) शरद सिंह
कलासमीक्षक, पर्यावरण चिंतक एवं वरिष्ठ साहित्यकार

विश्व पर्यावरण दिवस पर रंग के साथी ग्रुप ने  सागर ने सिटी फॉरेस्ट पहुँच कर पेड़ों के बीच   चित्रकारी कर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया । रंग के साथी ग्रुप  ने निःशुल्क स्पॉट पेंटिंग  आयोजन किया जिसमें 8 वर्ष  लेकर बडे बच्चों और महिलाओं ने भी आकर आज पेंटिंग का आनंद लिया। सिटी फ़ॉरेस्ट में सुबह 6 बजे से 9 बजे तक बच्चों व बड़ों ने रंग के साथी कलाकारों के साथ स्पॉट पेंटिंग  की और साथ ही ये संदेश दिया कि अगर ये हरे भरे जंगल हैं तभी पृथ्वी है और तभी ये जीवन भी  है। 
स्पॉट पेंटिंग स्थल चित्रण चित्रकला की मौलिक विधा है इसे लैंडस्केप आर्ट के रूप में भी जाना जाता है। इसमें प्राकृतिक दृश्यों जैसे पहाड़ों , घाटियों , पेड़ों , नदियों और जंगलों का चित्रण शामिल है। आठवीं शताब्दी से चली आ रही लैंडस्केप आर्ट की परंपरा अत्यंत चुनौती भरी है क्योंकि इसमें प्रकृति के सौंदर्य रंग और अनुपात को हूबहू चित्रित करना होता है जिसके लिए प्रकृति से आत्मिक संबंध जोड़ना कलाकार के लिए आवश्यक है।
     आज तक समूचा पर्यावरण ग्लोबल वार्मिंग जैसे संकट से जूझ रहा है ऐसे समय में हर व्यक्ति के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वह प्रकृति की महत्ता को समझें और उसके संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी सक्रियता से प्रयास करें। प्रकृति से मनुष्य का सीधा आत्मिक संबंध स्थापित करने का सबसे सशक्त माध्यम है चित्रकला। इस विषय पर रंग के साथी ग्रुप के असरार अहमद ने बताया की इस चित्रकला वर्कशॉप का उद्देश्य यही है के लोग पर्यावरण दिवस के महत्व को समझें साथ ही पर्यावरण की सुंदरता से स्वयं को जोड़ें जब मनुष्य को कोई चीज सुंदर लगती है तो वह उसे क्षति पहुँचाने से हिचकता है। 
    ए4 साईज़ के काग़ज़  पर जल रंग से प्रकृति की सुंदरता इन साथी कलाकरो ने बहुत सुंदर ढंग से चित्रित किया है  रंग के साथी ग्रुप के कलाकरों ने  नगर के बच्चों के साथ बैठ कर प्रकृति के सौंदर्य को अपनी कला से काग़ज़ पर जीवंत करते हुए नवोदित चित्रकारों का मार्गदर्शन किया। प्रतिभागियों का उत्साह देखते हुए रंग के साथी ग्रुप की अंशिता बजाज वर्मा ने बताया कि अब प्रति रविवार  हम साथी कलाकार सागर की किसी मनोरम स्थान पर जाकर स्पॉट पेंटिंग आयोजित करेंगे जिससे प्रतिभागियों में प्रकृति से जुड़ाव बढ़े तथा वे प्रकृति के बहुरंगी वातावरण को आत्मसात कर सकें। और साथ हम  कलाकार अपने नगर की सुंदरता को चित्रकारी के माध्यम से दिखा सके। 
     इस अवसर पर वनमाली सृजनपीठ सागर इकाई की अध्यक्ष डॉ (सुश्री) शरद सिंह, रंगकर्मी एवं कलानिदेशक अतुल श्रीवास्तव, आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज के प्रो. अमर जैन, मीडियाकर्मी पंकज सोनी तथा सिक्योरिटी सर्विस के पंकज शर्मा की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
     स्पॉट पेंटिंग की वर्कशॉप में जिन प्रतिभागियों ने अपनी कला को प्रकृति से प्रेरणा लेकर निखारा उनके नाम हैं - अनुष्का जैन, अनन्या देवलिया, अनिवा जैन, दिव्यांशी शुक्ला, अभय पुरोहित, पुष्प प्रणव सोनी, पुण्य जैन, प्रांजल जैन माही, मनीषा, सोहम, दिव्या नायक, आयुषी जैन, शालू सोनी, चारु अग्रवाल एवं आरुषि श्रीवास्तव। इन सभी चित्रकारों ने जल रंग से वृक्षों गहरे भूरे रंग की शाखाओं हरियाली के हरे हरे वन को अपने  कैनवास पर उतारा 
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