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Tuesday, July 14, 2026

महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है - डॉ शरद सिंह | प्रलेस सागर की गोष्ठी में

"महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है तथा जागरूक होकर ऐसे माहौल बनाने की जरूरत है जिसमें महिलाएं घर से बाहर निकलने पर भी सुरक्षित महसूस करें।" कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मैंने ( Sharad Singh ) अपना यह विचार रखा। अवसर था  प्रगतिशील लेखक संघ सागर की मकरोनिया इकाई की बैठक का।
    कल संपन्न हुई इस बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर विचार विमर्श के साथ वर्तमान ज्वलंत विषयों पर कविताएं पढ़ी गईं। 
    गोष्ठी में प्रदेश के सागर इकाई के अध्यक्ष टीकाराम त्रिपाठी जी, प्रदेश महासचिव एडवोकेट पेट्रिस फुसकेले, गज़लकार डॉ गजाधर सागर, आशुकवि नलिन निर्मल, कवि वीरेंद्र  प्रधान, सजलकार ज.ल. राठौर, विद्यार्थी जी, मुकेश तिवारी, नमृता फुसकेले, सुमन झुडेले, हर्षिता ठाकुर आदि बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित थे। 
   श्री संजय श्रीवास्तव एवं श्री अजय श्रीवास्तव जी के सौजन्य से सुंदरलाल श्रीवास्तव हायर सेकेंडरी स्कूल के सभागार में आओ इस गोष्ठी का संचालन किया कवि एवं साहित्यकार सतीश पांडे जी ने।
समाचारपत्रों में -
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Sunday, August 3, 2025

प्रलेस सागर की प्रेमचंद जयंती समारोह में डॉ (सुश्री) शरद सिंह का आलेखवाचन एवं काव्यपाठ

03.08.2025 को प्रगतिशील लेखक संघ सागर द्वारा फुसकेले निवास में प्रेमचंद जयंती का आयोजन किया गया। इस समारोह में डॉ गजाधर सागर की अध्यक्षता तथा हरगोविंद विश्व जी के मुख्य आतिथ्य में मैथिलीशरण गुप्त जी का भी स्मरण किया गया। डॉ सतीश पांडे के कुशल संचालन में आयोजित इस आयोजन के प्रथम सत्र में मैंने अपना आलेख "समाजशास्त्री कथाकार प्रेमचंद" का वाचन किया तथा द्वितीय सत्र में प्रेमचंद के कथापात्रों एवं रचनाओं पर आधारित एक ग़ज़ल का पाठ किया।
   प्रथम सत्र में मेरे सहित सर्वश्री एमके खरे, कैलाश तिवारी विकल, पैट्रिस फुसकेले, ने अपने आलेख पढ़े तथा सर्वश्री टीकाराम त्रिपाठी, डॉ श्याम मनोहर सीरोठिया, अनिल जैन तथा लक्ष्मी नारायण चौरसिया जी ने कथा सम्राट प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए।   
           द्वितीय सत्र में श्रीमती नमृता फुसकेले, श्रीमती निरंजन जैन, श्रीमती ममता भूरिया, श्री मुकेश तिवारी, डॉ श्याम मनोहर सीरोठिया, श्री वीरेंद्र प्रधान पुष्पेंद्र दुबे, डॉ गजाधर सागर, श्री हरगोविंद विश्व आदि कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया।
      आयोजन में शहर के साहित्यकार बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। 
(03.08.2025)
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Monday, December 30, 2024

समय विकट है, कठिन है फिर भी साहित्य की उपलब्धियां इस बात का विश्वास दिलाती हैं कि उम्मीद अभी बाकी है। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह, प्रलेस सागर, मकरोनिया इकाई, गोष्ठी

"समय विकट है, कठिन है फिर भी साहित्य की उपलब्धियां इस बात का विश्वास दिलाती हैं कि उम्मीद अभी बाकी है। यूनेस्को के मेमोरी ऑफ़ द वर्ल्ड कमेटी फॉर एशिया एंड द पैसिफिक के क्षेत्रीय रजिस्टर में वर्ष 2024 में हमारे देश की तीन कृतियों को शामिल किया गया है जो कि गौरव की बात है यह तीन कृतियां है- गोस्वामी तुलसीदास कृत "रामचरितमानस", विष्णु शर्मा कृत "पंचतंत्र" और आचार्य आनंदवर्धन कृत "सहृदयलोक-लोकन" अर्थात "ध्वन्यालोक"। इस तरह तीन भारतीय का यूनेस्को की संरक्षित पुस्तकों में शामिल किया जाना  हमारे लिए गौरव की बात है और यह सन 2024 की महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धि है।" ये विचार मैंने साझा किए कल शाम प्रगतिशील लेखक संघ सागर की मकरोनिया इकाई की वर्ष 2024 की अंतिम विचार गोष्ठी में।
   ❗️गोष्ठी की अध्यक्षता की प्रलेस सागर  के अध्यक्ष श्री टीकाराम त्रिपाठी जी ने। कुशल संचालन किया डॉ सतीश पांडेय जी ने तथा आभार प्रदर्शन प्रलेस सागर के सचिव पेट्रिस फुसकेले ने किया। 
      ❗️गोष्ठी में डॉ गजाधर सागर, श्री टीका राम त्रिपाठी, मैं डॉ सुश्री शरद सिंह, श्री पी आर मलैया, डॉ एम के खरे, श्री मुकेश तिवारी, श्री वीरेंद्र प्रधान, श्री पेट्रिस फुसकेले, श्रीमती दीपा भट्ट, सुश्री ज्योति झुडेले, डॉ सतीश पांडेय,श्रीमती नम्रता फुसकेले, श्री खरे, श्रीमती ममता भूर आदि ने भाग लिया। प्रथम चरण में वर्ष 2024  की उपलब्धियों एवं समस्याओं पर सभी ने अपने-अपने विचार रखें। द्वितीय चरण में रचना पाठ का कार्यक्रम हुआ। 
    ❗️ गोष्ठी में सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि मकरोनिया में होने वाली प्रत्येक प्रलेस गोष्ठी में सुरक्षित रचना पाठ के साथ ही किसी भी विधा के किसी एक साहित्यकार की रचनाओं पर विचार विमर्श किया जाएगा। इस विमर्श श्रृंखला की शुरुआत आगामी बैठक में कबीर के कृतित्व पर विमर्श से की जाएगी।
     ❗️कार्यक्रम के अंत में स्थानीय दिवंगत साथियों सहित श्याम बेनेगल, जाकिर हुसैन एव़ं पूर्व प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी को श्रद्धांजलि दी गई।
    🙏 सभी छायाचित्रों के लिए भाई मुकेश तिवारी जी का हार्दिक आभार 🌹🙏🌹

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