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Tuesday, July 30, 2024

संपूर्ण न्यायिक व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है।- डॉ. शरद सिंह

संपूर्ण न्यायिक व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है।- डॉ. शरद सिंह

यदि न्याय आम आदमी तक शीघ्र न पहुंच सके तो न्यायपालिका के होने का कोई अर्थ नहीं है। यह भी सच है कि यदि न्यायपालिका आदेश पारित कर भी दे तो कार्यपालिका उसके क्रियान्वयन में बरसों लगा देती है। संपूर्ण न्यायिक व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है।
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Dr (Ms) Sharad Singh on Indian Judiciary system in Rajsthan Patrika, 30.07.2024