☢️"तुम दिन भर घर में पड़ी रहती हो और करती ही क्या हो?"
☢️"मैं दिन भर परिवार के लिए खटता रहता हूं लेकिन तुम्हें क्या?"
☢️ "घर से बाहर जाकर काम करो तब समझ में आए कि पैसा कमाना कितना कठिन है!"
☢️"तुम नहीं समझोगी!"
- ऐसी सोच रखने वाले पुरुषों के द्वारा महिलाओं को कब आगे किया जाता है जब-
👉किसी भी टिकट विंडो पर महिलाओं को जल्दी टिकट में मिलने की उम्मीद होती हो।
👉 जब राजनीतिक क्षेत्र में महिला सीट आरक्षित कर दी गई हो। (फिर सीट मिलने के बाद महिला का पति उस सीट के अधिकारों का उपयोग कर सके)
👉 जब महिलाओं को स्टार्टअप या लोन के लिए अधिक छूट और सुविधा दी जा रही हो।
👇
⛔️वरना आज भी अनेक परिवारों में महिलाएं आर्थिक अधिकार नहीं रखती हैं, निर्णय लेने का अधिकार नहीं रखती हैं तथा परिवार के पुरुषों के हाथों की कठपुतली बनकर रहती हैं।
⛔️ समाज जानता है, समझता है फिर भी ख़ामोश रहता है।
⛔️ स्त्री परिवार के टूटने के डर से, लांछन लगने के डर से, तथा असुरक्षित महसूस करने के कारण निर्बल की भांति जीवन जीती है। विशेष रूप से समाज के मध्यम वर्ग की महिलाएं।
🤷 क्या गैर कामकाजी महिलाओं को परिवार में समान रूप से सम्मान और आर्थिक अधिकार नहीं मिलना चाहिए??❓
❗️हां ! हर महिला को सम्मान और आर्थिक बराबरी मिलनी चाहिए चाहे वह गैर कामकाजी घरेलू महिला ही क्यों न हो❗️
---------------------
#DignityforWomen #economicequalityforwomen #homemaker
#domesticwomen
#unemployedwomen
#JusticeForEveryWomen
#ForAllWomenAndGirls
#DrMissSharadSingh #डॉसुश्रीशरदसिंह #UnitedNations #UnitedNationsWomen
#humanrights #HumanRightsChallenge #follower @highlight
No comments:
Post a Comment